
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गत वर्ष केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की अधिकृत अधिकतम संख्या को 02 लाख से बढ़ाकर 2.2 लाख कर्मियों तक करने की मंजूरी दी है। अगस्त 2025 में स्वीकृत यह 10 प्रतिशत की वृद्धि हवाई अड्डों, बंदरगाहों और औद्योगिक केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। अगले पांच वर्षों तक प्रतिवर्ष लगभग 14000 कर्मियों की भर्ती की जाएगी। सीआईएसएफ द्वारा दिल्ली मेट्रो के 70 लाख यात्रियों सहित रोजाना एक करोड़ लोगों की सुरक्षा की जा रही है। इस संख्या में हवाई अड्डे पर 15 लाख यात्री और तैनाती की अन्य इकाइयों में 15 लाख लोग भी शामिल हैं।
सीआईएसएफ का 57वें रेजिंग डे, जो बल के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, मुंडली कटक में छह मार्च को आयोजित किया जा रहा है, से पहले गुरुवार को डीजी सीआईएसएफ प्रवीर रंजन ने यह जानकारी दी है। सीआईएसएफ रेजिंग डे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, परेड की सलामी लेंगे। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 की अवधि के दौरान, सीआईएसएफ को 10 इकाइयों में शामिल किया गया है।
• कर्तव्य भवन (सीसीएस-1, 2 और 3), नई दिल्ली
• सेवा तीर्थ (कैबिनेट सचिवालय और एनएसए बिल्डिंग), नई दिल्ली
• क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस), नई दिल्ली
• नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा (यूपी)
• नवी मुंबई हवाई अड्डा, (महाराष्ट्र)
• लेंगपुई हवाई अड्डा, (मिजोरम)
• जवाहरपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, एटा (यूपी)
• भाखड़ा बांध परियोजना, नंगल (पंजाब)
• एनटीपीसी तलाईपल्ली कोयला खनन परियोजना, (छत्तीसगढ़)
• एचपीसीएल-राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड, पचपदरा (राजस्थान)
361 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा …
पिछले 57 वर्षों में, सीआईएसएफ की क्षमता और सामर्थ्य में कई गुना वृद्धि हुई है। मौजूदा समय में दो लाख कर्मियों की संख्या के साथ, सीआईएसएफ 25 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 361 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करती है। इनमें 71 हवाई अड्डे, दिल्ली मेट्रो रेल, 10 रसायन एवं उर्वरक संयंत्र, 105 विद्युत संयंत्र, 18 परमाणु प्रतिष्ठान, अंतरिक्ष विभाग के 16 प्रतिष्ठान, भारत सरकार के प्रमुख मंत्रालयों वाले 47 सरकारी भवन, 15 बंदरगाह, 6 रक्षा इकाइयाँ, 36 तेल एवं प्राकृतिक गैस इकाइयाँ, 17 इस्पात संयंत्र और 10 कोयला खदानें, 9 निजी क्षेत्र आदि शामिल हैं। सीआईएसएफ का विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) 156 से अधिक संरक्षित व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है। सीआईएसएफ का विशेष अग्निशमन दल, जिसमें लगभग 9700 कर्मी हैं, देश के 23 राज्यों में फैली 114 इकाइयों को अग्निशमन सेवाएं प्रदान करता है।
सभी रैंकों की भर्ती में महिलाओं का प्रतिशत 12.75 …
2025 में सभी रैंकों में भर्ती किए गए कर्मियों में से 12.75 प्रतिशत महिलाएं थीं। 2026 में महिलाओं की संख्या कुल भर्ती का लगभग 8-9 फीसदी रहने का प्रस्ताव है। मुख्य रूप से बल की तैनाती की प्रकृति के कारण पदोन्नति में ठहराव से संबंधित शिकायतों को दूर करने के लिए, सीआईएसएफ ने कांस्टेबल और सहायक सब-इंस्पेक्टर के पदों के लिए क्रमशः वरिष्ठ कांस्टेबल और स्थानीय रैंक की प्रणाली शुरू की है। इसके चलते 32545 कांस्टेबलों को वरिष्ठ कांस्टेबल के रूप में नामित किया गया है। 1050 सहायक सब-इंस्पेक्टरों को सब-इंस्पेक्टर का स्थानीय रैंक प्रदान किया गया है। इस पहल से बल के मनोबल में उल्लेखनीय वृद्धि और कर्मियों के बीच प्रेरणा में वृद्धि होने की उम्मीद है। सभी केंद्रीय बलों में सीआईएसएफ में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। वर्तमान में बल में महिलाओं की संख्या इसकी कुल संख्या का 8 प्रतिशत से अधिक है।
रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठन की स्थापना को मंजूरी …
हवाई सुरक्षा, जिसे उच्च प्राथमिकता की श्रेणी में रखा गया है, के मद्देनजर सीआईएसएफ ने एमपीआरटीसी बहरोर में ड्रोन प्रशिक्षण और ड्रोन-रोधी क्षमता प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ड्रोन संचालन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों के प्रशिक्षण के लिए रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठन (आरपीटीओ) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। सीआईएसएफ को महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हवाई खतरे के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है। विमानन सुरक्षा के तहत उन्नत फुल बॉडी स्कैनर, वीडियो विश्लेषण, साइबर सुरक्षा के लिए साइबर कमांडो, आदि मुहैया कराए जा रहे हैं। सीसीटीवी वीडियो विश्लेषण और एआई/एमएल का उपयोग करके डेटा विश्लेषण के साथ एकीकृत उन्नत कमांड सेंटर विकसित किया गया है। एआई/एमएल का उपयोग करके उन्नत बायोमेट्रिक्स एक्सेस कंट्रोल सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
