फ्रांस के साथ बड़ी डिफेंस डील को मंजूरी…सेना की बढ़ेगी ताकत

0
2

नई दिल्ली। देश की सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी ने एक ऐतिहासिक खरीद को मंजूरी दी है। परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए 6पी-8आई पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद योजनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई गई है।
इस सौदे का सबसे अहम पहलू वायुसेना की गिरती स्क्वाड्रन संख्या को संभालना है। 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना को 6 से 7 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है। डीएसी की मंजूरी मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा।

नौसेना की समुद्री निगरानी भी होगी मजबूत
आसमान के साथ-साथ समंदर में भी भारत की निगरानी क्षमता बढऩे वाली है। डीएसी ने नौसेना के बेड़े में 6 नए 6पी-8आई एयरक्राफ्ट जोडऩे को मंजूरी दी है। भारतीय नौसेना पहले से ही 12 6पी-8आई  विमानों का संचालन कर रही है। इन नए विमानों के आने से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी (एंटी सबमरीन) क्षमता को और अधिक मजबूती मिलेगी।

Previous articleMaha Shivratri 2026: महाशिवरात्रि पर महाकालेश्वर मंदिर में 25 मिनट में होंगे दर्शन, कुबेरेश्वर धाम में इस साल नहीं बंटेंगे रुद्राक्ष
Next articleकिन्नर समुदाय बनाएगा अपना अलग शंकराचार्य, महाशिवरात्रि पर होगा ऐलान, 250 ट्रांसजेंडर हिंदू धर्म में करेंगे वापसी
News Desk