विकसित भारत के लिए मेड इन इंडिया चिप बेहद अहम…PM मोदी ने बताया भविष्य का रौडमैप

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि भारत को चिप उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना होगा और देश में एक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का निर्माण हो रहा है। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (वाईईआईडीए) में एचसीएल-फॉक्सकॉन संयुक्त उद्यम परियोजना, इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड, के शिलान्यास समारोह में भाग लिया।

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत की नींव आत्मनिर्भरता के आधार पर रखी जाएगी, जिसके लिए भारत में निर्मित चिप्स का होना बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘विकसित भारत का निर्माण तभी होगा जब भारत आत्मनिर्भर होगा। इसके लिए ‘मेड इन इंडिया’ चिप बेहद महत्वपूर्ण है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत इस दशक में जो कुछ भी कर रहा है, वह 21वीं सदी में हमारी क्षमताओं की नींव बनेगा।’

सेमीकंडक्टर का प्रमुख केंद्र बनने की राह पर यूपी : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि उत्तर प्रदेश भारत के सेमीकंडक्टर सिस्टम का एक प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि जहां भी सेमीकंडक्टर इकाई स्थापित होती है, वहां डिजाइन केंद्र उभरते हैं, स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित होते हैं और नवाचार में तेजी आती है। उन्होंने आज संपन्न हुए इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के बारे में भी बात की।

एआई इम्पैक्ट समिट का जिक्र कर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज भारत विकास के अपने लक्ष्य की ओर तेजी से प्रगति कर रहा है। मैंने लाल किले से भी कहा है कि भारत के पास रुकने या धीमा होने का समय नहीं है। 2026 की शुरुआत से ही भारत ने अपनी प्रगति में तेजी लाई है और अब यह सप्ताह भी भारत के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘एआई शिखर सम्मेलन के लिए विश्वभर के राष्ट्राध्यक्ष और प्रौद्योगिकी जगत के नेता दिल्ली में एकत्रित हुए। इस शिखर सम्मेलन में दुनिया ने भारत की एआई क्षमता को देखा, हमारे दृष्टिकोण को समझा और उसकी सराहना की।’

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में देर से शुरुआत, लेकिन तेजी से की प्रगति :पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘यह दशक भारत के लिए ‘तकनीकी क्रांति’ का दशक है। इस दशक में प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत जो कुछ भी कर रहा है, वह 21वीं सदी में हमारी ताकत का आधार बनेगा। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत ने भले ही देर से शुरुआत की हो, लेकिन आज हम तेजी से प्रगति कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत ने अब तक अपने सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 10 सेमीकंडक्टर निर्माण और पैकेजिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें से चार इकाइयां बहुत जल्द उत्पादन शुरू करने वाली हैं। मानवता के भविष्य को आकार देने वाली हर तकनीक में भारत आज अभूतपूर्व निवेश कर रहा है।’