
Surya Grahan 2026: साल 2026 में पहली बार फरवरी महीने में सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. इस बार वलयाकार सूर्य ग्रहण पड़ेगा, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है. हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत, समेत दुनिया के कई देशों में नहीं दिखाई देगा. मुख्य रूप से वलयाकार सूर्य ग्रहण अंटार्कटिका में दिखाई देगा, जहां दो वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र हैं. यह सूर्य ग्रहण मंगलवार, 17 फरवरी की दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शुरू होगा, जो शाम 7 बजकर 57 मिनट तक चलेगा.
2026 के बाद अगला वलयाकार सूर्य ग्रहण फरवरी 2027 में ही दिखने की संभावना है. इस दौरान भी भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखेगा. 17 फरवरी को दिखने वाले सूर्य ग्रहण को अमेरिकी स्पेस कंपनी NASA लाइवस्ट्रीमिंग के माध्यम से दिखा सकती है. ऐसे में जिन देशों में वलयाकार सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई दे रहा है. वे भी नासा के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर जाकर देख सकते हैं.
कब है 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण?
फरवरी के बाद साल का दूसरा सूर्य ग्रहण अगस्त 2026 में लगेगा, लेकिन यह भी भारत में दिखाई नहीं देगा. यह सूर्य ग्रहण पश्चिम एशिया, दक्षिण-पश्चिम एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका और अटलांटिक रीजन में दिखाई देगा. हिंदू कैंलेंडर के मुताबिक, सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन पड़ता है. अमावस्या के दिन सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं.
कैसे देखें सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण को बिना चश्मे या सोलर फिल्टर न देखें. कभी भी सीधे सूर्य की ओर नहीं देखना चाहिए. चाहे धूप का चश्मा ही क्यों न पहना हो या फिर फोटो नेगेटिव जैसी किसी काली सामग्री के माध्यम से देख रहे हों. क्योंकि ये फिल्टर आंखों को अवरक्त विकिरण से भी नहीं बचा पाते, जिसकी वजह से आंखों स्थायी नुकसान की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा सूर्य ग्रहण को देखने को लिए कभी भी दूरबीन या टेलीस्कोप का उपयोग न करें जब तक कि उनमें कोई विशेष सौर फिल्टर न लगाया गया हो. इसलिए सूर्य ग्रहण को देखने से पहले सोलर फिल्टर या चश्मा जरूर लाएं.
