इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता

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इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (IBA) ने दी पूर्ण सदस्यता, बोर्ड बैठक में लिया ऐतिहासिक निर्णय:महासचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस रॉबर्ट्स

नई दिल्ली / लॉज़ेन।भारतीय मुक्केबाज़ी जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में इंडियन एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन (IABF) को अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ (International Boxing Association – IBA) की पूर्ण सदस्यता प्रदान की गई है। यह महत्वपूर्ण निर्णय IBA के निदेशक मंडल द्वारा 6 फ़रवरी 2026 को लिया गया, जिसकी औपचारिक सूचना 9 फ़रवरी 2026 को स्विट्ज़रलैंड के लॉज़ेन से जारी पत्र के माध्यम से दी गई। IBA के अध्यक्ष उमर क्रेमलेव ने IABF के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र को संबोधित पत्र में इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि मुक्केबाज़ी खेल के प्रति IABF की प्रतिबद्धता, पारदर्शी कार्यप्रणाली तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालन के कारण यह मान्यता प्रदान की गई है।

IBA परिवार में IABF का स्वागत:उमर क्रीमलेव

IBA अध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन का IBA परिवार में शामिल होना संगठन के लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IABF की सक्रिय भागीदारी से वैश्विक स्तर पर मुक्केबाज़ी खेल के विकास को नई दिशा और गति प्राप्त होगी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी का औपचारिक आमंत्रण:

IBA द्वारा IABF को आगामी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों एवं प्रतियोगिताओं में भाग लेने हेतु औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। IBA ने आशा व्यक्त की है कि भारतीय मुक्केबाज़ों की सहभागिता से वैश्विक मुक्केबाज़ी समुदाय और अधिक सशक्त व ऊर्जावान बनेगा तथा भविष्य में दोनों संस्थाओं के बीच दीर्घकालिक एवं सार्थक सहयोग स्थापित होगा।

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भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए स्वर्णिम अवसर:डॉ. राकेश मिश्र

IBA की पूर्ण सदस्यता मिलने से अब भारतीय एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक अधिकार, अवसर और पहचान प्राप्त होगी। इससे देश के उभरते मुक्केबाज़ों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, उन्नत प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग तथा वैश्विक अनुभव प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

डॉ. राकेश मिश्र का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया: उमर क्रीमलेव

इस उपलब्धि को IABF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्र के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और संगठित प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। खेल जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह मान्यता भारतीय मुक्केबाज़ी के भविष्य को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। इस अवसर पर डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। राकेश ठाकरान जी ने इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन के निदेशक मंडल एवं सदस्य देशों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि यह सदस्यता हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मंतव्य के अनुरूप भारतीय मुक्केबाज़ों को ओलंपिक खेलों में अधिक अवसर उपलब्ध कराने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि IABF अब जमीनी स्तर से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान करेगा, ताकि आगामी ओलंपिक खेलों के लिए सक्षम और प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी तैयार किए जा सकें। साथ ही, यह सदस्यता पिछले कुछ वर्षों से भारतीय मुक्केबाज़ी की बिगड़ती स्थिति को सुधारने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी प्रदान करेगी। डॉ. मिश्र ने देशभर के खिलाड़ियों, कोचों, रेफ़रियों, तकनीकी अधिकारियों तथा मुक्केबाज़ी से जुड़े सभी लोगों से आह्वान किया कि वे आगे आएँ और भारतीय बॉक्सिंग के इस नए दौर में सक्रिय सहभागिता निभाएँ। वहीं, IABF के महासचिव श्री राकेश ठाकरान जी ने इस उपलब्धि पर देश की सभी राज्य स्तरीय बॉक्सिंग एसोसिएशनों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब हम सभी को भारत सरकार के माननीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया जी के मार्गदर्शन में संगठित एवं प्रतिबद्ध होकर कार्य करना होगा, ताकि भारतीय मुक्केबाज़ों को अंतरराष्ट्रीय मंच, विशेषकर ओलंपिक खेलों में, बेहतर अवसर मिल सकें और देश में मुक्केबाज़ी खेल का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।