योग और योग के प्रकार, फायदे, नियम क्या है – Yoga Ke Prakar In Hindi 2020

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Yoga Ke Prakar In Hindi

योग और योग के प्रकार, फायदे, नियम क्या है – Yoga Ke Prakar In Hindi 2020: आजकल हर कोही किसी तरह के स्वास्थ और मानसिक बीमारियों से ग्रस्त है। आज जिसे पूछो वह किसी तरह की परेशानी से जूझ रहा है। बहुत लोगो को शारीरिक बीमारियों के साथ मानसिक बीमारियों से भी जूझना पड़ रहा है। कोही किसी शारीरिक बीमारी से परेशान तो कोही तनाव के कारण चिंतित है। पर यह सभी बीमारी का एकमेव इलाज है योग।

आप योग के सहायता से किसी बी बीमारी को दूर कर सखते है। यह विश्वास करना आपके लिए कठिन होगा, पर बहुतसे वैज्ञानिक यह पुष्टि कर चुके है के योग के सहयता से आप बहुत सी बीमारी को दूर कर सकते है। आपके बेहतर स्वास्थ का एक ही उपाय है के आप रोजाना योगभ्यास करें। और बीमारी को आपसे दूर रखे।

आज इस पोस्ट में हम आपको योग के बारेमे अवगत करना चाहते है। और योग संबधी सभी सवालो का जवाब देंगे। चलिए अब थोड़ा योग के बारेमें जानते है।

योग क्या है? What Is Yoga In Hindi

वैसे देखा जाये तो योग के बहुत सारे व्याख्या निकलते है। पर हम आसान भाषा में योग के बारेमे जानने की कोशिश करते है। योग का संस्कृत शब्द है “यूज” इसका मतलब होता है जुड़ना। यानि आध्यात्मिक भाषा में हमें स्वयं को अपनी आत्मा से जुड़ने को योग कहते है।

योग एक संस्कृत शब्द है इसका मतलब संघ होता है। मन की चेतना के साथ शरीर की अंग प्रणालियों का संघ मतबल योग होता है। योग शरीर, मन और ऊर्जा को एक समता (शांत) स्थिति में लाने का एक अभ्यास होता है। योग शरीर, मन, आंतरिक ऊर्जा और भ्रमांड की ऊर्जा का एक संघ में अनुभव करता है।

योग एक सरल और स्वस्थ जीवन जीने का रास्ता होता है। अगर आपको स्वस्थ और अच्छा जीवन बिताने की चाह है। तो आप अपने चाह को पूरा करने के लिए योग को अपने जीवन में ला सकते है। इसे अपनाके जीवन को रोगमुक्त कर सकते है। योग में हर किसी बीमारी का इलाज होता है।

योग एक शारीरक व्यायाम, श्वास पर नियंत्रण, सकारात्मक सोच, आहार पर नियंत्रण, मन शांती, ध्यान का एक परिपूर्ण अभ्यास है। जिसका उद्देश्य शरीर को स्वस्थ करना, मन को शांत को शांत करना और पर्यावरण में सकारात्मकता का संचार करना होता है।

योग में शारीरिक गतिविधि (आसन), श्वास की तकनीक (प्राणायाम), ध्यान और विश्राम का अभ्यास होता है। जिससे आपके बाहरिक शरीर को और अंधरुनि शरीर दोनों को बहुत फायदा होता है। इसका रोजाना अभ्यास से आप अपने मन के तनाव को दूर करके अपने चंचल मन को काबू करते है।

योग के लाभ – Yoga Benefits In Hindi

मनुष्य जीवन को स्वस्थ बनाने के लिए योग कही सारे फायदे है। आज हम इस पोस्ट में Yoga Benefits In Hindi के बारेमें जानने की कोशिश करते जिससे आपको योग फायदे के बारे में पता चल सखे।

1. अपने लचीलेपन में सुधार करता है

यह योग का सबसे बड़ा फायदे है। योग का रोजाना अभ्यास से आपके सुस्त शरीर में लचीलेपन आता है। योग शुरू करने के बाद आप तुरंत ही लचीलेपन का अनुभव नहीं कर पाएंगे। पर जैसे आपका योगभ्यास यानि योगासन आगे बढ़ेगा वैसे आपके शरीर में परिवर्तन दिखेगा और आप यह परिवतर्न महसूस कर पाएंगे।

2. मांसपेशियों में ताकत बनाता है

यह एक योग करने का अत्यंत महत्वपूर्ण लाभ है। योगासन से आप अपने शरीर की मांसपेशियों में ताकत बना सकते है। इसका रोजाना अभ्यास करने से आप अपने मांशपेशियों को मजबूत बना सकते है।

3. अपने बाह्य शरीर के ढंग को सही करता है

योग के माध्यम से आपने शरीर के बाह्य ढंग यानि बॉडी पोस्चर को सही कर सकते है। बहुत से लोग पीठ से मोड़ जाते है यानि उनके स्पाइनल कॉर्ड यानि उनका रीड की हड्डी में गैप आता है। यह सभी समस्या योग करने से ख़तम होती है।

4. आपकी रीढ़ की सुरक्षा करता है

किसी तरह के शॉक या दबाव से आमतौर पर गार्डन और रीढ़ में गैप आता है। योग से आप यह समस्या को खतम कर सकते है।

5. आपके रक्त प्रवाह को बढ़ाता है

योग आपके शरीर में हीमोग्लोबिन के लेवल को संतुलित करता है। शरीर के कोशिका में रक्त प्रवाह को बढ़ता है। जिसके कारण ह्रदय विकार होने के मोके को कम करता है।

6. ब्लड शुगर कम करता है

योग ब्लड शुगर लेवल के साथ बाद कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। और अच्छा कोलेस्ट्रॉल को बढ़ता है। मधुमेह जैसे बीमारी को कम करने के लिए योग काफी फायदेमद होता है। और मधुमेह को करने के लिए योग में बहुत आसान होते है।

7.आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है

योग ध्याब केंद्रित करने में काफी फायदेमद होता है। कही रिसर्च के अनुसार यह पाया गया है के रोजाना योग का अभ्यास करने से ध्यान केंद्रित होता है। और उसे साथ रिएक्शन टाइम, मेमोरी, और आईक्यू स्कोर में काफी बढ़ोत्तरी होती है।

8. तनाव को काम करता है

योग योग को तनाव को दूर रखता है। और मानसिक बीमारी को कम करता है। यह आपके चिंता, स्ट्रेस को काम करके मन को शांत रखता है।

9. नींद की की समस्या को दूर करता है

योग से आप नींद की समस्या को दूर कर सकते है। ऐसे बहुत से लोग होते है इन नींद की समस्या होती है। यह आप अभ्यास से काम कर सकते है।

10. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है

योग करने से आप अपने इम्यून सिस्टम यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है। आप इसका अभ्यास करके रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ता है। और आपको बीमारी मुक्त करता है।

11. श्वसन कार्य में सुधार

रोजाना योग के अभ्यास से हमारे श्वसन प्रणाली में सुधार आता है। योग का सबसे पहले प्रभाव हमारे श्वसन प्रणाली पर होता है। इसलिए योग का सीधा असर हमारे श्वास की नियंत्रण पर होता है।

12. अपचन की समस्या से राहत

योग के अभ्यास से हमारे शरीर में गॅस की प्रॉब्लम कम हो जाती है। गॅस की समस्या कभी कभी बहुत होती है। जिसके कारण शरीर पर बुरा प्रभाव होता है। योग हमे इस अपचन की समस्या से राहत देता है।

योग के प्रकार क्या है? – Yoga Ke Prakar In Hindi

आमतौर पर योग के छह प्रकार होते है। यह प्रकार के बारेमे निचे संक्षिप्त में दिया गया है। आप Yoga Ke Prakar In Hindi के बारेमें जान सकते है।

  • राज योग
  • कर्म योग
  • हठ योग
  • भक्ति योग
  • ज्ञान योग
  • कुंडलिनी/लय योग

1. राज योग / Raj Yoga In Hindi

यह योग की सबसे अंतिम अवस्था मानी जाती है। और इस अवस्था को समाधी अवस्था कहते है। राज योग को सभी योग का राजा माना जाता है। राज योग में सभी योग की थोड़ी बहोत खासियत होती है। इस योग को बाकि योग के तुलना में थोड़ा कठिन योग माना जाता है। यह योग करने वाले लोग रोजमर्रा की जिंदगी से बाहर निकलकर अपने आप पर आत्म-निरीक्षण किया जाता है। राज योग में मन और शरीर की एकाग्रता पर ध्यान दिया जाता है। इस योग का नाम महर्षि पतंजलि ने अष्टांग योग रखा है। क्योकि राज योग के आठ अंग होते है।

  • यम (शपथ लेना)
  • नियम (नैतिक अनुशासन या आत्म अनुशासन)
  • मुद्रा (आसन)
  • प्राणायाम (श्वास नियंत्रण)
  • प्रत्याहार (इद्रियों पर नियंत्रण)
  • धारणा (एकाग्रता)
  • ध्यान (मेडिडेशन)
  • समाधि (परमानंद यानि बंधनो से मुक्ति)

2. कर्म योग / Karma Yoga In Hindi

अगला योग कर्म योग होता है। और कोही भी मनुष्य इस कर्म योग से नहीं बच पाता है। इस योग यानि कर्म योग सिद्धांत यह होता है के, वर्तमान में जो हम अनुभवते है वह अपने भूतकाल में किये गए कर्म यानि पूर्व कर्मो पर निर्भर होता है। इसलिए भविष्य को अच्छा बनाने के लिए हमें वतर्मान में अच्छा कर्म करना चाहिए। अगर हम वर्तमान में जिसे कर्म करेंगे उसका असर आपके भविष्य में होगा। इसका सिद्धांत हमे हिन्दू धर्म के भगवत गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने भी दिया है।

3. हठ योग / Hatha Yoga In Hindi

हठ योग खास करके पश्चिमी देशो में काफी लोकप्रिय है। हठ का दो तरीको से अनुवाद किया जाता है। उसमे एक होता है इच्छाधारी” व “बलशाली” या गतिविधि के योग के रूप में होता है। और एक ‘ह’ का अर्थ होता है “सूर्य” और ‘ठ’ का अर्थ “चंद्रमा” होता है। और यह दोनों सिद्धांतो पर हठ योग आधारित होता है। हठ शारीरक मुद्राओं के अभ्यास को प्रदर्शित करता है। जिसका अर्थ होता है अष्टांग, विनयसा, आयंगर और पावर योग में होता है। हठ योग आपके शरीर, मन और आत्मा को ध्यान की तैयारी के लिए और शांत करने के लिए बनाई गया है।

4. भक्ति योग / Bhakti Yoga In Hindi

भक्ति योग में भक्ति के बारेमें वर्णन किया गया है। भक्ति अर्थ होता है प्रेम यानि ईश्वर, श्रुष्टि, प्राणियों, पशु, पक्षी, अदि के प्रति प्रेम, सद्धभावना, और निष्ठा दिखाना को भक्ति योग कहते है। भक्ति योग किसी धर्म, उम्र, राष्ट, अमीर, गरीब सभी कर सकते है। परमेश्वर के भक्ति में लीन होने को भक्ति योग कहते है।

5. ज्ञान योग / Gyan Yoga In Hindi

अगर ज्ञान को मन का योग कहते है, तो ज्ञान को बुद्धि का योग कहा जाता है। यह योग दिमाग को शांत करने व् मन की नकारात्मक सोच है। यह योग से ग्रंथ और ग्रंथ के माध्यम से बुद्धि का विकास करना होता है। यह योग सब योग से कठिन माना जाता है। यह योग को पारंगत करने के लिए आपको बुद्धिसे चाणक्य और गंभीर स्वरुप के अध्ययन की जरुरत होती है।

6. कुंडलिनी/लय योग / Kundalini Yoga In Hindi

योग के अनुसार मानवी शरीर में सात चक्र होते है। ध्यान करते समय कुंडलिनी को जागृत किया जाता है। तो यह शक्ति मतिष्क में जाती है और वह सभी सात चक्र को क्रियाशील बनती है। इस सभी प्रक्रिया को कुंडलिनी/लय योग कहते है। यह योग से चंचल मन शांत होकर एकग्रता बढ़ती है।

योग करने का नियम – Rules Of Yoga In Hindi

योग करने से पहले और योग करते वक्त आपको किन नियमो को ध्यान में रखना है पहले उसके बारेमें जानने की कोशिश करते है। और आपको स्वस्थ शरीर के लिए इन सभी नियमों का पालन करना चाहिए।

  • योग को सूर्यादय से पहले और सूर्यास्त होने के बाद करना चाहिए। पर सूर्यादय से पहले योग करने से शरीर और मन को बहुत फायदा होता है।
  • योग करने से पहले स्थान करना चाहिए। ऐसे करने से आप योग करते वक्त फ्रेश महसूस करेंगे।
  • योगासन करने से पहले थोड़ा वार्म उप करना चाहिए।
  • योगासन करते वक्त सूती कपड़ो का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • योग खाली पेट करना चाहिए। कम से कम योग करने से पहले दो घंटे तक कुछ न खाए।
  • योग करने की शुरवात ताड़ासन से करना चाहिए।
  • नये व्यक्ति को योग किसी परीक्षक के देखरेख के निचे करना चाहिए।
  • और नए व्यक्ति हलके हलके योग से शुरवात करना चाहिए।
  • योग करते समय मन की सभी नकारार्थक ख्यालो को दूर करना चाहिए।
  • योग शांत और स्वच्छ मन से करना चाहिए।
  • अपने शरीर के साथ जबरदस्ती न करें।
  • योग करते समय धीरज रखे।
  • योग के लाभ प्राप्त होने में समय लगता है। इसलिए आपको धैर्य के साथ योग करना चाहिए।
  • सभी योगासन सास के नियंत्रण पर आधारित होता है। इसलिए आपको सांस के तकनीक को अवगत करना चाहिए।
  • अगर आप गर्भवती है तो योग करने से पहले किसी डॉक्टर की सलाह ले। और योग किसी परीक्षक के देखरेख के निचे करना चाहिए।
  • योग का निरंतर अभ्यास करना चाहिए।
  • प्राणायाम सभी आसन के अभ्यास करने के बाद करें।
  • योग के दौरान ठंडा पानी का सेवन न करें। क्योकि योग करते वक्त हमारा शरीर गर्म होता है।
  • योगभ्यास हमेशा शवासन से ख़तम करें।

योग करने के कुछ अन्य टिप्स – Tips Of Yoga In Hindi

  • योग करने के लिए अपने लिया एक अच्छा परीक्षक का चयन करें।
  • पद्मासन और सुखासन करते समय अपने पीठ को बिलकुल सीधा रखे।
  • साँस नाक से ले और मुँह से छोड़े।
  • योग करते समय अपने मन को शांत रखने का पर्यन्त करें।
  • योगासन करने से पहले उसकी अवस्था और साँस कब लेनी है इसके बारेमें जान ले।
  • गर्भावस्था में किसी गुरु या परीक्षक के निगरानी के निचे योग करें।
  • योग के साथ संतुलित भोजन लेने से आपके स्वस्थ शरीर के लिए काफी फायदेमंद सकता है।
  • अपनी नींद को पूरी करें।
  • जितना शरीर साथ देता है उतना ही योगासन करें। अपने शरीर को जबरदस्ती न करें।
  • धूम्रपान को सक्ति से बंद करें।

सावधानी: अगर आपको योग करने से किसी तरह की समस्या होती है तो तुरंत योग को बंद करें और डॉक्टर की सलाह ले। अगर आप पहली बार यो करने वाले है तो किसी परीक्षक देखरेख के निचे करें।

यह बात उतनी ही सच है के योग करने से आप सभी बीमारी से मुक्त हो सकते है। और अपने जीवन को सरल व् स्वस्थ बना सकते है। पर यह साध्य करने के लिए आपके योगभ्यास में निरंतरता होनी आवश्यक होती है। योग आप शांत उत्साह से करें। ऐसा करना आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

दोस्तो हम उम्मीद करते है के योग और योग के प्रकार, फायदे, नियम क्या है – Yoga Ke Prakar In Hindi 2020अच्छा लगा हो। हमारी यही कोशिश है के आपको बालों की सभी समस्या के निजात और घरेलू उपाय दिये जाए।

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