सोनू सूद की डेब्यू डायरेक्शन फिल्म 'फतेह' एक खून-खराबे और हिंसा से भरी हुई फिल्म है, जो खुद को साइबर क्राइम पर आधारित कहानी बताने का दावा करती है। लेकिन यह दावा फिल्म में कहीं खो जाता है।
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फतेह फिल्म समीक्षा: एक्शन के नाम पर खून-खराबा, सच्चाई पर पर्दा |
कहानी का सार
'फतेह' की कहानी फर्जी लोन ऐप्स और उनके शिकार बने लोगों पर केंद्रित है। सोनू सूद ने फतेह सिंह का किरदार निभाया है, जो एक पूर्व गुप्त एजेंट है। जब पंजाब के उसके गांव की एक लड़की गायब हो जाती है, तो वह उसे ढूंढने दिल्ली पहुंचता है। वहां उसे पता चलता है कि वह लड़की एक अंतरराष्ट्रीय घोटाले में फंसी है, जिसका मास्टरमाइंड रज़ा (नसीरुद्दीन शाह) है। कहानी इस पर टिकी है कि क्या फतेह उसे बचा पाता है या नहीं।
कहानी की कमजोरियां
फिल्म एक दिलचस्प विषय से शुरू होती है, लेकिन जल्दी ही अपनी राह भटक जाती है। साइबर क्राइम का मुद्दा केवल कहानी का बहाना लगता है। असल फोकस सिर्फ खून और हिंसा दिखाने पर है। फिल्म में हर कुछ मिनट में खून के छींटे, ड्रिल और आंखें निकालने जैसे हिंसात्मक दृश्य देखने को मिलते हैं।
क्लाइमैक्स खास तौर पर रणबीर कपूर की फिल्म 'एनिमल' से प्रेरित लगता है।
सोनू सूद का निर्देशन औसत है, लेकिन स्क्रिप्ट में कोई नई बात नहीं है। एक्शन सीक्वेंस शुरू में अच्छे लगते हैं, लेकिन बाद में यह भी अपना असर खो देते हैं। साइबर घोटाले जैसे गंभीर विषय को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाया गया है।
कलाकारों का प्रदर्शन
- सोनू सूद फिल्म के केंद्र बिंदु हैं और उन्होंने अपने किरदार को दमदार तरीके से निभाया है। उनकी एक्शन क्षमताएं फिल्म का मुख्य आकर्षण हैं।
- जैकलीन फर्नांडिस ने एक एथिकल हैकर का किरदार निभाया है, लेकिन उनकी भूमिका सिर्फ रोने, चीखने और बचाए जाने तक सीमित है।
- नसीरुद्दीन शाह का किरदार बेहद कमजोर है। उनके हिस्से केवल कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर खलनायकी दिखाने तक सीमित हैं।
तकनीकी पक्ष और संगीत
फिल्म का संगीत, खासकर अरिजीत सिंह द्वारा गाया गया टाइटल ट्रैक, फिल्म की गति के साथ मेल खाता है। एक्शन को इंटरनेशनल लेवल का दिखाने की कोशिश की गई है, जो कुछ हद तक प्रभावित करता है।
निष्कर्ष
'फतेह' एक ऐसी फिल्म है जो एक्शन प्रेमियों को थोड़ा प्रभावित कर सकती है, लेकिन विषय और कहानी के स्तर पर निराश करती है। फिल्म का दावा जागरूकता फैलाने का है, लेकिन इसमें नई सीखने लायक कुछ नहीं है। अगर आप खून-खराबा और हाई-ऑक्टेन एक्शन पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए हो सकती है। अन्यथा, इसे छोड़ देना बेहतर होगा।
रेटिंग: 2.5/5